भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना एवं टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना 2025
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| photo by government site |
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना शुरू की गई है।
इस
योजना का संचालन म.प्र. आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, भोपाल द्वारा
किया जाता है। इस योजना के तहत शिक्षित बेरोजगार युवक एवं युवतियों
को स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध
कराया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय या
निर्माण इकाई स्थापित कर सकें। सेवा या व्यवसाय के लिए ₹1
लाख से ₹25 लाख
तक तथा निर्माण इकाई के लिए ₹1 लाख से ₹50 लाख तक का ऋण दिया जाता है। इस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक की आयु
18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसने कम से कम 8वीं कक्षा पास की
होनी आवश्यक है। ऋण राशि राष्ट्रीयकृत
बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है और ब्याज
दर भी बहुत रियायती रखी गई है। यह योजना आदिवासी युवाओं को
स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत अवसर प्रदान करती है।
पात्रता
- केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग (ST) के युवक और युवतियाँ पात्र हैं।
- आयु सीमा: 18 वर्ष से 45 वर्ष तक
- शैक्षणिक योग्यता: न्यूनतम 8वीं कक्षा पास होना आवश्यक है।
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
ऋण राशि
- सेवा या व्यवसाय के लिए: ₹1,00,000 से ₹25,00,000 तक
- निर्माण इकाई के लिए: ₹1,00,000 से ₹50,00,000 तक
- ऋण राशि विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों से निगम की अनुशंसा पर दी जाती है।
ब्याज दर
इस योजना के अंतर्गत ब्याज दर बहुत ही रियायती होती है, जिससे युवा बिना किसी बोझ के ऋण चुका सकें।
ऋण चुकौती अवधि
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (ST)
- मूल निवासी प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक की प्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पैन कार्ड
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
आवेदन प्रक्रिया
- आवेदक को samast.mponline.gov.in पोर्टल पर जाना होगा।
- वहाँ “भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना” का चयन करें।
- आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करने के बाद, उसका प्रिंट लेकर सुरक्षित रखें।
लाभ
इस
योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए पूंजी सहायता प्रदान की जाती है। इससे
वे अपने व्यवसाय, सेवा कार्य या निर्माण इकाई की
स्थापना कर सकते हैं। सरकार द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है,
जिससे युवाओं पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ता। यह योजना आर्थिक
आत्मनिर्भरता और उद्यमिता
को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास
है। योजना के माध्यम से ग्रामीण और
शहरी क्षेत्र के आदिवासी युवा अपना रोजगार स्वयं शुरू कर समाज में उदाहरण पेश कर
रहे हैं।
2. टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना
पात्रता
- केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदक पात्र।
- आयु सीमा: 18 से 55 वर्ष तक।
- शैक्षणिक योग्यता: कोई शैक्षणिक योग्यता आवश्यक नहीं (अशिक्षित व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं)।
ऋण राशि
- ₹10,000 से ₹1,00,000 तक का ऋण प्रदान किया जाता है।
- यह ऋण छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार या पारंपरिक कार्यों के लिए दिया जाता है।
ब्याज दर और अवधि
- ब्याज दर सामान्य बैंक दर से कम।
- ऋण की वापसी आसान मासिक/वार्षिक किस्तों में।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र
- मूल निवासी प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक पासबुक
आवेदन प्रक्रिया
- आवेदक samast.mponline.gov.in वेबसाइट पर जाएँ।
- “टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना” पर क्लिक करें।
- सभी आवश्यक विवरण भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- सबमिट करने के बाद आवेदन की रसीद प्राप्त करें।
आवेदन कहाँ करें?
- आवश्यक सावधानियाँ
- आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और अद्यतन (valid) हों।
- बैंक खाता आवेदक के नाम पर सक्रिय हो।
- आवेदन की जानकारी को सबमिट करने से पहले ध्यान से पढ़ें।
- आवेदन के बाद रसीद प्रिंट लेकर अपने पास रखें।

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